इन्वेस्टमेंट क्या होता है?

Investment meaning in Hindi : Get meaning and translation of Investment in इन्वेस्टमेंट क्या होता है? Hindi language with grammar,antonyms,synonyms and sentence usages by ShabdKhoj. Know answer of question : what is meaning of Investment in Hindi? Investment ka matalab hindi me kya hai (Investment का हिंदी में मतलब ). Investment meaning in Hindi (हिन्दी मे मीनिंग ) is निवेश.English definition of Investment : the act of investing; laying out money or capital in an enterprise with the expectation of profit

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फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट क्या होता है? गारंटीड रिटर्न के लिए इस फेस्टिव सीजन ये हैं निवेश के बढ़िया ऑप्शन

फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट ऐसे असेट या सिक्योरिटी को कहते हैं, जो इन्वेस्टर को फिक्स्ड इंटरेस्ट या डिविडेंड के तौर पर एक स्टेडी कैश फ्लो देता है. रिस्क वाले असेट्स जितना प्रॉफिट आपको यहां भले ही न मिले, लेकिन आप ज्यादा बेफिक्र रह सकते हैं.

फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट हमेशा से ऐसे निवेशकों की पंसद रहा है, जो रिस्क न लेकर एक स्टेबल रिटर्न की चाह रखते हैं. इस फेस्टिव सीजन में अगर आपके साथ ऐसी सिचुएशन है कि अचानक कैश का विंडफॉल हुआ है, या फिर आपके पास कुछ पैसे जमा हुए हैं, जिन्हें आप निवेश में लगाना चाहते हैं, लेकिन अपनी पूंजी पर ज्यादा रिस्क भी नहीं लेना चाहते तो आपके लिए फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट का ऑप्शन बढ़िया हो सकता है. लेकिन सवाल है कि फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट का मतलब क्या है? जैसा कि नाम से ही साफ है कि निवेश के ऐसे माध्यम जो आपको मैच्योरिटी तक एक बंधी-बधाई गारंटीड रिटर्न देते हैं. और मैच्योरिटी पर निवेशक को उसका मूलधन भी वापस मिल जाता है.

फिक्स्ड इनकम इन्वेस्टमेंट ऐसे असेट या सिक्योरिटी को कहते हैं, जो इन्वेस्टर को फिक्स्ड इंटरेस्ट या डिविडेंड के तौर पर एक स्टेडी कैश फ्लो देता है. रिस्क वाले असेट्स जितना प्रॉफिट आपको यहां भले ही न मिले, लेकिन आप ज्यादा बेफिक्र रह सकते हैं.

फिक्स्ड इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट्स में सरकारी या कॉरपोरेट बॉन्ड, या फिर सरकारी सेविंग्स स्कीम जैसे कई ऑप्शन्स आपको मिल जाएंगे. इसके अलावा फिक्स्ड इनकम एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETFs) और फिक्स्ड इनकम म्युचुअल फंड भी इसमें शामिल हैं. हम यहां कुछ ऐसे ही विकल्पों पर नजर डालेंगे.

Debt Funds

Debt funds सरकारी या कॉरपोरेट बॉन्ड में निवेश करते हैं. इनमें जोखिम कम होता है, लेकिन इन्वेस्टमेंट क्या होता है? रिटर्न भी उसी हिसाब से कम होता है. चूंकि इसी वजह से इसे सेफ इन्वेस्टमेंट माना जाता है.

सीनियर सिटिजंस सेविंग्स स्कीम (Senior Citizens Savings Scheme)

60 साल के ऊपर के लोगों के लिए यह अच्छा निवेश का ऑप्शन है. इसमें लो टैक्स ब्रेकेट होता है और रेगुलर इनकम आती रहती है. इसमें निवेश की अवधि पांच साल होती है, जिसे अगले तीन साल और बढ़ाया जा सकता है. इसमें अधिकतम 15 लाख रुपये का निवेश कर सकते हैं.

पब्लिक प्रॉविडेंट फंड (Public Provident Fund)

पीपीएफ या पब्लिक प्रॉविडेंट फंड निवेश की एक पॉपुलर स्कीम है. लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के लिए यह आपके बड़े काम आ सकती है. इसमें अच्छे इंटरेस्ट रेट पर रिटर्न मिलता है और टैक्स में छूट भी मिलती है. इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80C में यह निवेश दिखाने पर आपकी टैक्सेबल इनकम कम हो सकती है. इसमें एक साल में डेढ़ लाख तक की रकम निवेश की जा सकती है.

वॉलेंटरी प्रॉविडेंट फंड (Voluntary Provident Fund)

वॉलेंटरी प्रॉविडेंट फंड भी पीपीएफ जैसा ही है, यह बस किसी सैलरीड इंप्लॉई की ओर से अपनी मर्जी से लिया गया सैलरी कट होता है, जो उसके प्रॉविडेंट फंड अकाउंट में जमा होता रहता है और इससे लॉन्ग टर्म के लिए वेल्थ एक्युमुलेट कर सकता है.

इसके अलावा प्रधानमंत्री वय वंदना योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट जैसे कई और ऑप्शंस हैं, जो आपको फिक्स्ड इनकम दे सकते हैं.

निवेश कर भूल जाने का फॉर्मूला कितना कारगर साबित होता है?

निवेश का सूत्र

साल 1997 में शुरुआत के बाद से ही डीएसपी इक्विटी फंड ने अब तक 19.4 फ़ीसदी सालाना रिटर्न दिया है. इसका एक मतलब यह भी है कि अगर आपने उस समय ₹5000 हर महीने इस फंड में निवेश किया होता तो आपकी निवेश की रकम 14.25 लाख रुपये होती जबकि आपका आपके निवेश की कुल वैल्यू आज दो करोड़ रुपए से ऊपर की होती.

लंबी अवधि में मुनाफा

लंबी अवधि में मुनाफा

इस साल ज्यादातर इक्विटी फंड अपने 20 साल का सफर पूरा करने जा रहे हैं. इस हिसाब से उनके 20 साल का रिटर्न प्रोफाइल का रिकॉर्ड मौजूद है. अगर सभी इक्विटी फंड के लंबी अवधि के प्रोफाइल को देखें तो सब में यह बात कॉमन है कि अगर आप निवेश शुरू करते हैं और लंबी अवधि तक बने रहते हैं तो आपको जोरदार मुनाफा होता है.

निप्पोन इंडिया ग्रोथ फंड

निप्पोन इंडिया ग्रोथ फंड

अब तक 39 इक्विटी डायवर्सिफाइड स्कीम ने 20 साल का सफर पूरा किया है. अगर मासिक सिप से निवेश करने के बाद बेहतरीन प्रदर्शन वाले फंड की बात करें तो निप्पोन इंडिया ग्रोथ फंड ने पूरी अवधि में 21.36 फ़ीसदी से अधिक सालाना के हिसाब से रिटर्न दिया है. अगर एलआईसी एमएफ के मल्टीकैप फंड की बात करें तो इसका प्रदर्शन सबसे खराब रहा है, लेकिन इसने भी करीब 11 फीसदी रिटर्न दिया है.

अमीर बनें

अमीर बनें

विश्लेषकों का यह कहना है कि अगर लोग नियमित रूप से निवेश करें और लंबी अवधि तक निवेश में बने रहें तो उन्हें बहुत अच्छा मुनाफा मिल सकता है. इस अवधि में जिन फंडों का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है, उन्होंने भी निवेशकों का रकम बढ़ाने में बड़ा योगदान किया है.

बढ़िया फंड चुनें

बढ़िया फंड चुनें

इक्विटी म्यूचुअल फंड के पिछले 20 साल का रिकॉर्ड देखें तो यह बात सही साबित होती है कि 'निवेश कर भूल जाओ' की थ्योरी अपनाने वाले लोगों को काफी फायदा हुआ है. एक बार आप अच्छा म्यूच्यूअल फंड सेलेक्ट कर निवेश करना शुरू करते हैं तो आपको लंबी अवधि में उस बारे में कोई भी कदम उठाने की जरूरत नहीं होती. अगर आप अपने चुने हुए इक्विटी म्यूचुअल फंड के साथ लंबे समय तक बने रहते हैं तो आपको बेहतरीन प्रॉफिट मिल सकता है.

क्या है मुनाफा कमाने की शर्त?

क्या है मुनाफा कमाने की शर्त?

निवेश शुरू करने के बाद आपको सिर्फ एक बात देख कर उसका ध्यान रखने की जरूरत है कि निवेश की अवधि के बीच में अपना पैसा ना निकालें और ना ही सिप को बिना किसी ठोस वजह के रोक दें. अगर आप निवेश जारी रखते हैं तो बिना किसी ज्यादा झंझट के आप लंबी अवधि में बड़ी संपत्ति बना सकते हैं. एक इन्वेस्टमेंट स्टडी में कहा गया है कि सबसे बेहतर निवेशक वही है जो डेड होता है या इलेक्टिव होता है.

Web Title : invest-and-forget-can-you-make-high-returns-over-the-long-run-simply-by-inaction
Hindi News from Economic Times, TIL Network

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट कैसे करे – आसान हिन्दी में बेहतरीन आर्टिकल्स की एक शुरुआती गाइड

म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट हर एक इन्वेस्टर के बीच काफ़ी लोकप्रिय हैं । जिसका कारण है इससे मिलने वाले फायदे। इसके कईं फायदों में से कुछ सबसे महत्वपूर्ण फ़ायदे नीचे दिए हैं, जो इन्वेस्टर्स को अपनी ओर खींचते है और जिसकी वजह से इन्वेस्टमेंट क्या होता है?

  • इन्वेस्टर्स कितनी भी राशि के साथ शुरुआत कर सकते हैं ( 500 जितना कम भी )
  • इन्वेस्टर्स, अलग-अलग स्टॉक्स और डेट,गोल्ड जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में इन्वेस्ट कर सकते हैं
  • हर महीने ऑटोमेटेड इन्वेस्मेंट्स शुरू कर सकते हैं (SIP)
  • डीमैट अकाउंट खोले बिना भी इन्वेस्ट कर सकते हैं

शुरुआती इन्वेस्टर्स के लिए इस म्युचुअल फंड इन्वेस्टमेंट गाइड में हमने कुछ आर्टिकल्स को आपके लिए चुना है। जो म्युचुअल फंड को समझने में और कैसे इन्वेस्ट करना शुरू करें, इसमें आपकी मदद करेंगे। हम सुझाव देंगे कि आप इस पेज को बुकमार्क कर लें ताकि आप इन आर्टिकल्स को अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी पढ़ सकें।

1.म्युचुअल फंड्स की जानकारी

अगर आप म्युचुअल फंड्स और उसके प्रकारों के बारे में पहले से जानते हैं, तो आप सीधे अगले सेक्शन पर जा सकते है । ये 5 आर्टिकल्स, म्युचुअल फंड्स और उसके प्रकारों के बारे में सारी ज़रूरी जानकारी देंगे । हम टैक्स सेविंग फंड्स पर भी एक विशेष आर्टिकल दे रहे हैं।

    और ये कैसे काम करते हैं?
  • म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करना बनाम डायरेक्ट इक्विटी
  • . म्युचुअल फंड्स के फायदे और नुकसान
  • टैक्स सेविंग(ईएलएसएस) फंड्स

2.म्युचुअल फंड्स का एक पोर्टफ़ोलियो बनाना

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने का सही तरीका है – सबसे पहले इसका पोर्टफोलियो बनाना । एक पोर्टफोलियो, म्युचुअल फंड का एक समूह होता है। यह आपको अपने इन्वेस्टमेंट के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा। आपका सारा रिटर्न् आपके पूरे पोर्टफोलियो पर टिका होता है, ना कि किसी एक विशेष फंड पर। इस सेक्शन में, हम यह सीखेंगे कि म्युचुअल फंड पोर्टफोलियो कैसे तैयार किया जाता है।

  • पोर्टफोलियो इन्वेस्टिंग क्या है कैसे तैयार किया जाए
  • अपने पोर्टफोलियो के लिए सही म्युचुअल फंड चुनना
  • म्युचुअल फंड को कब बेचें

3.म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करना

कईं शुरुआती इन्वेस्टर्स म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने की प्रक्रिया को मुश्किल मानकर उसमें इन्वेस्ट करने से कतराते हैं। ये आर्टिकल्स ऐसे ही शुरुआती इन्वेस्टर्स को म्युचुअल फंड को समझने में और इन्वेस्टमेंट शुरू करने में मदद करेंगे।

    और ये म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करने के लिए ज़रूरी क्यों है (SIP) के द्वारा इन्वेस्ट करना

4.कुछ और महत्वपूर्ण जानकारियाँ

म्युचुअल फंड्स में इन्वेस्ट करते समय कुछ ज़रूरी बातें है, जिनकी जानकारी हर शुरुआती इन्वेस्टर को होनी चाहिए । इन बातों को समझे बिना इन्वेस्ट करने से, रिटर्न्स पर काफ़ी बुरा असर पड़ सकता है।

  • म्युचुअल फंड्स पर टैक्स
  • म्युचुअल फंड्स से पैसे निकालने पर एग्ज़िट लोड
  • म्युचुअल फंड्स का एक्सपेंस रेशो
  • इन्वेस्टमेंट से जुड़ी भाषा की जानकारी

जहाँ म्युचुअल फंड्स की बात आती है वहाँ आमतौर पर लिस्ट में दिए गए इन शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है । हालाँकि शुरुआती इन्वेस्टर्स को इन सभी शब्दों को याद रखने की ज़रूरत नहीं है, आप किसी भी शब्द को सीखने के लिए, ग्लोसरी (डिक्शनरी) के तौर पर इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

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